Gupt Navratri 2022: इस दिन से शुरू हो रही हैं गुप्त नवरात्रि जानिए आज ही

Magha Gupt Navratri 2022
Magha Gupt Navratri 2022

आज के इस लेख में आपको गुप्त नवरात्रि 2022 में कब कब है और गुप्त नवरात्रि कब आते हैं (gupt navratri kab hota hai) जैसे जानकारी को आप प्राप्त कर पाएंगे. यदि जानना चाहते है की Gupt Navratri Kab Se Shuru Hain तो इस पूरा जरुर पढ़े.

Gupt Navratri 2022 date in india

जैसे की आपको पता है नवरात्रि सभी भारतीय के लिए महत्वपूर्ण और बेहद खुसामद त्यौहार होता है. जिसे लोग बहुत ही भारी तरीके से मानते हैं. वैसे ही एक और नवरात्रि होती हैं जो कि Gupt Navratri हैं.

भारत में सनातन धर्म में नवरात्रि पर्व का बेहद ही खास महत्व माना जाता हैं. जिसे मुख्य रूप से नवरात्र शरद और चैत्र माह में आती है और शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि चार प्रकार की होती है. और माघ और आषाढ़ माह में होने वाली नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है. और इसे Gupt Navratri के उपलक्ष में मनाया जाता हैं.

2022 में Gupt Navratri माघ मास यानी फरवरी की गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri 2022) 02 फरवरी 2022 से शुरू हो रही हैं. और इसके पौराणिक किदवंति है कि, इस नवरात्रि को लेकर कई तरह के रहस्य भी देखने को मिलेंगे हैं, इसलिए इसे गुप्त नवरात्रि कही जाता है.

गुप्त नवरात्रि का महत्व और फायदे

गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा किया जाता है जो की बिलकुल गुप्त तरीके से की जाती है. पौराणिक ग्रंथाें के अनुसार, चैत्र और शारदीय नवरात्रि में सात्विक और तांत्रिक दोनों प्रकार की पूजा होती है.

आपको बता दे कि गुप्त नवरात्रि दौरान तांत्रिक क्रिया कलापों पर ही ज्यादा ध्यान दिया जाता है. यह गुप्त पूजा ऐसा होता है कि इसमें आसपास के लोगों को इसकी भनक भी नहीं लगती है कि वे कोई साधना कर रहे हैं. ऐसा इसलिए किया जाता है क्योकि, इस दौरान जितनी गोपनीयता बरती जाती है उतनी ही अच्छी सफलता प्राप्त होता हैं.

गुप्त नवरात्रि कब मनाई जाती है (When is Gupt Navratri celebrated?)

हिंदू शास्त्रों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि साल में दो बार मनाई जाती है, एक बार माघ मास में जिसे “माघ गुप्त नवरात्रि” के रूप में जाना जाता है और एक बार आषाढ़ मास में जिसे आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के रूप में जाना जाता है.

अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार माघ नवरात्रि जनवरी-फरवरी के महीनों के दौरान होता है जबकि आषाढ़ नवरात्रि जून-जुलाई के महीने में मनाई जाती है.

गुप्त नवरात्रि पूजा विधि (Gupt Navratri Puja Vidhi)

  1. गुप्त नवरात्रि पूजा करने की विधि की बात की जाए तो आपको बता दे कि शारदीय और चैत्र नवरात्रि की के जैसे ही गुप्त नवरात्रि में कलश की स्थापना करनी होती हैं.
  2. और आपको सुबह और शाम यानी दोनों पहर माँ दुर्गा की चालीसा या सप्तशती का पाठ और मंत्र का जाप करना होगा.
  3. औरमाँ दुर्गा को गुप्त नवरात्रि में भोग में लौंग, पंचमेवा और बताशा या फल फुल चढ़ाना चाहिए.

गुप्त नवरात्रि 2022 में कब है? (Gupt Navratri 2022 date and time)

जैसे की आपने जाना कि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार माघ नवरात्रि जनवरी-फरवरी के महीनों में होता हैं. और Magh Gupt navratri 2022 date and time की निश्चितता के लिए आपको रोजाना पोस्ट पर देखते रहना होगा.

Magha Gupt Navratri 2022
Magha Gupt Navratri 2022

माघ गुप्त नवरात्रि 2022 प्रतिपदा तिथि और घटस्थापना मुहूर्त, Magha Gupt Navratri 2022 Puja Muhurt

नवरात्रि शुरू – 02 फरवरी 2022 दिन बुधवार

नवरात्रि समाप्त – 10 फरवरी 2022 दिन गुरुवार

माघ घटस्थापना बुधवार, 2 फरवरी 2022 को

घटस्थापना मुहूर्त – 07:09 AM से 08:31 AM

अवधि – 01 घण्टा 22 मिनट्स

घटस्थापना मुहूर्त प्रतिपदा तिथि पर है.

प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ – फरवरी 01, 2022 को 11:15 AM

प्रतिपदा तिथि समाप्त – फरवरी 02, 2022 को 08:31 AM

सन्धि पूजा – 09 फरवरी बुधवार – अष्टमी

सन्धि पूजा प्रारम्भ  – 08:06 AM पर

सन्धि पूजा समाप्त – 08:54 AM पर

कब किस देवी की होगी पूजा 2022

02 फरवरी बुधवार – मां शैलपुत्री की पूजा
03 फरवरी गुरुवार – मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
04 फरवरी शुक्रवार – मां चंद्रघंटा की पूजा
05 फरवरी शनिवार – मां कुष्मांडा की पूजा
06 फरवरी रविवार – मां स्कंदमाता की पूजा
07 फरवरी सोमवार- मां कात्यानी की पूजा
08 फरवरी मंगलवार – मां कालरात्रि की पूजा
09 फरवरी बुधवार – मां महागौरी, दुर्गा अष्टमी की पूजा
10 फरवरी गुरुवार – मां सिद्धिदात्री, व्रत पारण

गुप्त नवरात्रि दसमहाविद्याएं , Magha Gupt Navratri 2022 Dus Mahavidya Ke Naam

1. मां काली
2. तारा देवी
3. त्रिपुर सुंदरी
4. भुवनेश्वरी
5. माता छिन्नमस्ता
6. त्रिपुर भैरवी
7. मां ध्रूमावती
8. माता बगलामुखी
9. माता मातंगी
10. कमला देवी

माघ नवरात्रि मंत्र, मां दुर्गा के मंत्र , Magha Gupt Navratri 2022 Maa Durga Ke Mantra

1.सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके. शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते..
2.ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी. दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते..
3.या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः..
4.या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः..
5.ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै

माघ गुप्त नवरात्रि कथा , Magha Gupt Navratri Story/ Magha Gupt Navratri 2022 Katha In Hindi

माघ गुप्त नवरात्रि कथा के अनुसार एक समय ऋषि श्रृंगी अपने भक्तों को दर्शन दे रहे थे और अचानक ही भीड़ से एक स्त्री निकलकर बाहर आई और उसने ऋषि श्रृंगी से कहा कि मेरे पति सदैव दुर्व्यसनों से घिरे रहते हैं. जिसकी वजह से मैं कोई भी पूजा पाठ नहीं कर पाती धर्म और भक्ति से जुड़े कार्यों का संपादन भी नहीं कर पाती. यहां तक कि ऋषियों को भी उनके हिस्से का अन्न भी समर्पित नहीं कर पाती.

मेरे पति मंसाहारी और जुआरी हैं. लेकिन मैं मां दुर्गा की सेवा करना चाहती हूं. उनकी भक्ति साधना से अपने और अपने परिवार के जीवन को सफल बनाना चाहती हूं. ऋषि श्रृंगी महिला के भक्ति भाव से बहुत प्रभावित हुए और उसे इसका उपाय बताते हुए कहा कि चैत्र और शारदीय नवरात्रि को सब आमजन जानते हैं. लेकिन इसके अतिरिक्त दो नवरात्र और भी होते हैं. जिन्हें गुप्त नवरात्रि कहा जाता है. उन्होंने कहा कि प्रकट नवरात्रि में नौ देवियों की उपासना होती है और गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है.

इस नवरात्रि में यदि कोई मां दुर्गा की उपासना करता है तो मां उसके जीवन को सफल बना देती हैं. ऋषि श्रृंगी ने आगे कहा कि लोभी, कामी, व्यसनी, मांसाहारी अथवा पूजा पाठ न कर सकने वाला भी यदि गुप्त नवरात्रि में मां की पूजा करता है तो उसे जीवन में कुछ और करने की आवश्यकता नहीं रहती.

उस स्त्री ने ऋषि श्रृंगी के वचनों पर पूर्ण श्रद्ध करके गुप्त नवरात्रि की पूजा की. जिसके बाद मां उस स्त्री पर प्रसन्न हुई और उसके जीवन में परिवर्तन आने लगा. उसके जीवन में सुख शांति आने लगी और पति जो गलत रास्ते पर था वह सभी मार्ग पर आ गया.

मां दुर्गा की आरती ,Maa Durga Ki Aarti, Magha Gupt Navratri 2022 Aarti

जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति,
तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री..टेक..
मांग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को,
उज्ज्वल से दोउ नैना चंद्रबदन नीको..जय॥
कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजै,
रक्तपुष्प गल माला कंठन पर साजै..जय..
केहरि वाहन राजत खड्ग खप्परधारी,
सुर-नर मुनिजन सेवत तिनके दुःखहारी..जय..
कानन कुण्डल शोभित नासाग्रे मोती,
कोटिक चंद्र दिवाकर राजत समज्योति..जय..
शुम्भ निशुम्भ बिडारे महिषासुर घाती,
धूम्र विलोचन नैना निशिदिन मदमाती..जय..
चौंसठ योगिनि मंगल गावैं नृत्य करत भैरू,
बाजत ताल मृदंगा अरू बाजत डमरू..जय..
भुजा चार अति शोभित खड्ग खप्परधारी,
मनवांछित फल पावत सेवत नर नारी..जय..
कंचन थाल विराजत अगर कपूर बाती,
श्री मालकेतु में राजत कोटि रतन ज्योति..जय..
श्री अम्बेजी की आरती जो कोई नर गावै,
कहत शिवानंद स्वामी सुख-सम्पत्ति पावै..जय..

गुप्त नवरात्री कब होता है? (Gupt navratri kab hota hai)

गुप्त नवरात्रि माघ और आषाढ़ माह में  होता हैं. जिसमे माँ दुर्गा की पूजा की जाती है और इस नवरात्रि में भक्त गुप्त तरीके से पूजा पाठ करते हैं.

गुप्त नवरात्रि कब आते हैं?

गुप्त नवरात्रि माघ और आषाढ़ महीने में आते हैं. माघ में जनवरी-फरवरी में और आषाढ़ जून-जुलाई में आते हैं. इस बार गुप्त नवरात्रि  2022 02 फरवरी 2022 दिन बुधवार से शुरू होने वाला हैं.

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