खनिज संसाधन क्या हैं? (Khanij Sansadhan Kya Hai in Hindi) और खनिजों का वर्गीकरण कीजिए

Khanij Sansadhan Kya Hai
Khanij Sansadhan Kya Hai

यदि आप भी खनिज संस्थान के बारे में जानकारी (Khanij Sansadhan kya hai) जानना चाहते है तो आप आसानी से यहाँ से पढ़ सकते है. खनिज संसाधन कितने प्रकार के होते हैं?, खनिजों का वर्गीकरण और सब कुछ के बारे में बताया हैं. जिसे आप पढ़ के सही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. 

खनिज संसाधन क्या हैं? (Khanij Sansadhan Kya Hai in Hindi)

खनिज संसाधन क्या हैं? खनिज प्राकृतिक रासायनिक यौगिक तत्व हैं. जो मुख्य रूप से अजैविक प्रक्रियाओं से बने होते हैं. भूमि से निकाले गए पदार्थों को खनिज संसाधन कहा जाता है.

खनिज या खनिज पदार्थ भौतिक पदार्थ होते हैं जिन्हें खदान से निकाला जाता है. कुछ उपयोगी खनिजों के नाम हैं लोहा, अभ्रक, कोयला, बॉक्साइट (जिससे एल्युमिनियम बनता है), नमक (पाकिस्तान और भारत के कई इलाकों की खदानों से नमक निकाला जाता है), जस्ता, चूना पत्थर आदि.

इसका नाम खनिज क्यों पड़ा?

खनिज शब्द का अर्थ है- खनिज + ज। अर्थात् ऐसे पदार्थ जो खदान से उत्पन्न होते हैं ((संस्कृत: खनि= खान)। इसका अंग्रेजी शब्द मिनरल भी माइन (mine) से संबंधित है।

खनिज संसाधन कितने प्रकार के होते हैं?

प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले खनिज संसाधन तीन प्रकार के होते हैं:

  1. धात्विक खनिज
  2. अधात्विक खनिज
  3. ऊर्जा खनिज

धात्विक खनिज

जब खुदाई की जाती है, तो पृथ्वी से निकलने वाले पदार्थ में कई प्रकार की अशुद्धियाँ होती हैं। खनिज लवणों को विभिन्न प्रक्रियाओं द्वारा हटा दिया जाता है, जिसके बाद हमें जो खनिज प्राप्त होता है वह शुद्ध खनिज होता है और इसे धात्विक खनिज कहा जाता है।

धात्विक खनिजों के प्रकार

  • लौह धातु :- लौह अयस्क मैंगनीज निकल कोबाल्ट आदि
  • अलौह धातु:- तांबा, सीसा, टिन, बॉक्साइट
  • कीमती खनिज:- सोना, चांदी, प्लेटिनम आदि

धात्विक खनिज के दो प्रमुख पहचान क्या है?

  1. धात्विक खनिज को गलने पर धातु प्राप्त होता है
  2. ये कठोर एवं चमकीले होते है.

अधात्विक खनिज

वे खनिज अयस्क जो उत्खनन से निकाले जाते हैं और शुद्धिकरण के बाद अधात्विक प्राप्त करने के लिए, वे खनिज पदार्थ अधात्विक खनिज कहलाते हैं.

धात्विक खनिजों के उदाहरण –  ग्रेनाइट, सल्फर, लवण, पोटाश, अभ्रक संगमरमर चूना पत्थर बलुआ पत्थर आदि.

ऊर्जा खनिज

वे खनिज जिनसे ऊर्जा प्राप्त होती है, ऊर्जा खनिज कहलाते हैं। ऊर्जा खनिजों के उदाहरण कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस हैं।

खनिजों का वर्गीकरण कीजिए

यद्यपि खनिजों का वर्गीकरण बहुत कठिन है, फिर भी उन्हें कुछ विशेषताओं के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है:

  • प्रकाशीय विधि
  • रासायनिक या एक्स-रे विवर्तन विधि

भारत के मुख्य वर्गीकृत खनिज निम्नलिखित हैं:

  • सिलिकेट वर्ग
  • कार्बोनेट वर्ग
  • सल्फेट वर्ग
  • हैलाइड वर्ग
  • ऑक्साइड वर्ग
  • सल्फाइड वर्ग
  • फास्फेट वर्ग
  • तत्व वर्ग
  • कार्बनिक वर्ग

भारत के खनिज संसाधन

आवश्यकता को पूरा करने की दृष्टि से भारत में पाए जाने वाले खनिज संसाधन हैं-
लौह अयस्क, अभ्रक, बॉक्साइड, बेरिलियम, सिलिकॉन, पत्थर, जिप्सम, बलुआ पत्थर, कोरन्डम आदि।

बलुआ पत्थर, बैराइट, स्लेट, कोयला, क्रोमाइट, चूना पत्थर, एंडीमनी, डोलोमाइट, फिटकरी, फॉस्फेट, तांबा, संगमरमर आदि।

पेट्रोलियम, सोना, चांदी, टिन, सीसा, टंगस्टन, पारा, प्लेटिनम, पोटाश, सल्फर और डामर.

खनिज संसाधन संरक्षण के उपाय लिखिए कोई 5

यहाँ आपको खनिज संसाधन संरक्षण के पांच उपाय दिया गया हैं.

1. खनन की प्रक्रिया में अपव्यय को कम करें.

2. स्क्रैप धातुओं का उपयोग करके धातुओं का पुनर्चक्रण.

3. वैकल्पिक नवीकरणीय विकल्प का उपयोग.

4. खनिज संसाधनों का नियोजित और टिकाऊ तरीके से उपयोग.

5. कम लागत पर निम्न श्रेणी के अयस्कों के उपयोग की अनुमति देने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों का उपयोग.

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