हैप्पी ईस्टर क्या होता है, मतलब (Easter Meaning in hindi)
happy easter kya hota hai

आज के इस पोस्ट के माध्यम से आपको Happy easter kya hota hai, ईस्टर का मतलब क्या होता है. easter day kya hota hai की पूरी जानकारी मिलेगा. जिसे आपको जानना चाहियें. बहुत सार लोगो के मन में ये सवाल आता है कि “हैप्पी ईस्टर क्या होता है”.

सूली पर चढ़ाए जाने के तीसरे दिन, यीशु मरे हुओं में से जी उठा…बधाई हो!बधाई हो! हाँ, यही ‘Happy Easter’ का अर्थ है. या इसे इस तरह से समझा जा सकता है कि ईसाई धर्म के लोग ईस्टर दिवस को मृतकों के पुनरुत्थान के रूप में मनाते हैं.

दरअसल हैप्पी ईस्टर ट्विटर पर जबरदस्त ट्रेंड कर रहा है. लेकिन कई लोग इस गलतफहमी में फंस जाते हैं कि आखिर हैप्पी ईस्टर क्या होता हैं, इसका मतलब क्या हैं.

हैप्पी ईस्टर का मतलब क्या होता है (Easter meaning in hindi)

ईस्टर शब्द जर्मन शब्द “ईस्टर” से लिया गया है जिसका अर्थ है देवी. ईसाई समुदाय में इसे वसंत की देवी और उर्वरता की देवी माना जाता है. खुश करने के लिए अप्रैल के महीने में त्योहार भी हैं. यह त्यौहार आज भी यूरोप में मनाया जाता है.

ईस्टर संडे क्या है?

Easter Sunday Kya Hai: दो हजार साल पहले येरुशलम के पहाड़ पर यहूदियों और रोमन गवर्नर ने ईसा मसीह को सूली पर चढ़ा दिया था. जिससे उसकी मौत हो गई थी. ऐसा माना जाता है कि यीशु की मृत्यु के बाद उनके शरीर को कब्र में दफनाया गया था.

लेकिन उनकी मृत्यु के तीन दिन बाद रविवार को ईसा मसीह कब्र से उठे. यह भी माना जाता है कि आज भी यीशु का मकबरा खुला है. जीवित रहने के बाद ईसा मसीह 40 दिनों तक अपने शिष्यों के साथ रहे और हजारों लोगों को अपने दर्शन दिए.

ऐसा कहा जाता है कि यीशु किसी धर्म या जाति की स्थापना के लिए जीवित नहीं आए थे. बल्कि वो प्यार और सच्चाई का पैगाम बांटने आए थे.

ईस्टर का पर्व कैसे मनाते हैं

ईस्टर संडे मनाने के लिए ईसाई समुदाय के लोग रात में चर्च में मोमबत्तियां जलाने के लिए इकट्ठा होते हैं और यीशु मसीह का नाम लेकर और उनके द्वारा दिए गए संदेश को याद करके रात भर जागते हैं.

ईस्टर रविवार को, सभी लोग सुबह फिर से इकट्ठा होते हैं और चर्च में एक सजी हुई मोमबत्ती जलाकर यीशु के पुनरुत्थान का जश्न मनाते हैं. यीशु की आराधना कर और प्रभु भोज में शामिल होते है. रात का खाना खाने के बाद, वे एक दूसरे को यीशु के पुनरुत्थान के लिए शुभकामनाएं देते हैं. ईसाई समुदाय में भी ईस्टर संडे मनाने की विशेष परंपरा बन चूका है. इस दिन प्रभु भोज के बाद सभी लोग सजे-धजे मोमबत्तियां अपने घरों में लाते हैं और उन्हें जलाते हैं और इन मोमबत्तियों को अपने रिश्तेदारों और दोस्तों में बांटते हैं. और कर Easter का पर्व मानते हैं.

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By Hindisoftonic

i am Vicky kumar.

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