National herald case kya hai – नेशनल हेराल्ड केस लेटेस्ट न्यूज़

National herald case kya hai
National herald case kya hai

नेशनल हेराल्ड केस: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से नेशनल हेराल्ड न्यूजपेपर (National Herald News Paper) से जुड़े Money Laundering मामले में पूछताछ करने के लिए बुलाया है.नेशनल हेराल्ड केस लेटेस्ट न्यूज़ अन्य न्यूज़ पेपर, टीवी चैनल और वेबसाइट से पढ़ सकते हैं. यहाँ हम आपको “national herald case kya hai in hindi” और इससे जुड़े सभी जानकारी दिया गया है.

नेशनल हेराल्ड केस क्या है – National herald case kya hai in Hindi

भारतीय भाजपा नेता और वकील सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में अदालत में शिकायत दर्ज कराई कि यंग इंडियन लिमिटेड (Young Indian Limited – YIL) द्वारा AJL के अधिग्रहण में कांग्रेस के कुछ नेता शामिल थे। Subramanyam Swami ने आरोप लगाया कि यंग इंडियन लिमिटेड द्वारा एजेएल कंपनी (AJL Company) का अधिग्रहण “गलत तरीके से” किया गया था। सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया कि Young Indian Limited ने लाभ कमाने के मकसद से एक बंद प्रिंट मीडिया आउटलेट की 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित किया।

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भाजपा नेता और वकील सुब्रमण्यम स्वामी ने यह भी दावा किया कि Young Indian Limited – YIL ने 90.25 करोड़ रुपये की वसूली का अधिकार पाने के लिए केवल 50 लाख रुपये का भुगतान किया। जिसे कांग्रेस की ओर से AJL Company को कर्ज के रूप में दिया गया था। सुब्रमण्यम स्वामी ने यह भी दावा किया कि AJL को ऋण भी अवैध रूप से दिया गया था। क्योंकि, यह पार्टी फंड के पैसे से ही दिया गया था।

साल 2014 में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से इस मामले की जांच शुरू की थी. 18 सितंबर 2015 को, Enforcement Directorate (ED) ने जांच के लिए नेशनल हेराल्ड मामले को फिर से खोल दिया।

Associated Journal Limited (AJL) क्या है

जवाहरलाल नेहरू ने कई स्वतंत्रता सेनानियों के साथ, 1938 में एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (AJL) का गठन किया। स्वतंत्रता से पहले गठित AJL के माध्यम से अंग्रेजी में नेशनल हेराल्ड, हिंदी में नवजीवन और उर्दू में कौमी आवाज नामक समाचार पत्र प्रकाशित किए गए थे। आजादी के बाद ये अखबार कांग्रेस के मुखपत्र बने। लेकिन, 90 के दशक के बाद इस कारोबार में घाटा दर्ज होने लगा। 2008 तक कंपनी पर 90 करोड़ से ज्यादा का कर्ज था। जिसके बाद अखबारों का प्रकाशन बंद कर दिया गया।

Young Indian Limited (YIL) क्या है

यंग इंडियन लिमिटेड की स्थापना 2010 में हुई थी। राहुल गांधी इस कंपनी के निदेशक थे। उस समय कांग्रेस के महासचिव कौन थे। यंग इंडियन लिमिटेड कंपनी के 76 प्रतिशत शेयर राहुल गांधी और सोनिया गांधी के नाम थे। बाकी 24 फीसदी शेयर कांग्रेस नेता मोतीलाल वोहरा और ऑस्कर फर्नांडीज के नाम थे. आपको बता दें कि मोतीलाल वोहरा और ऑस्कर फर्नांडीज का पहले ही निधन हो चुका है।

AJL के शेयरहोल्डर्स के आरोप

यंग इंडियन लिमिटेड द्वारा एजेएल के अधिग्रहण के दौरान इसके कई शेयरधारकों ने आपत्ति जताई थी। जिसमें पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने आरोप लगाया कि उन्हें इस अधिग्रहण के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके पिता के नाम पर जारी एजेएल के शेयर बिना सहमति के हस्तांतरित किए गए।

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